कृष्णा और साधू
यह Mythology Story in Hindi के साथ Moral Stories in Hindi भी है। इस Mythology Story में आप जानेंगे की कैसे अधिक लालच की वजह से इंसान लालची हो जाता है और अपना कर्त्तव्य भूल जाता है और नेक व्यक्ति होंने के बाद भी नेक काम छोड़ और ईश्वर भक्ति से भी दूर होने लगता है। वह यहाँ भूल जाता है की भगवान हमारी परीक्षा किसी भी समय ले सकते है।
तो शुरू करते यह है। Mythology Story in Hindi
एक गांव में एक गरीब साधू रहते थे वह भगवान कृष्ण के बहुत बड़े भक्त थे वह घर-घर जाकर लोगों से भिक्षा मांगते थे। लोग उन्हें पैसे या फिर भोजन, आटा देते थे और वह उन्हें आशीर्वाद देते थे भगवान कृष्ण ने 1 दिन उनकी परीक्षा लेने का निर्णय लिया एक दिन जब वह साधु नदी के किनारे चल रहे थे
तभी उन्हें सोने से सिक्के से भरे हुए पोटली मिली वह बहुत खुश हुए और पोटली अपने पास रखने का निर्णय लिया घर वापस जाते समय उन्हें रास्ते में एक भिखारी दिखा भिखारी ने भोजन अथवा पैसे की भीख मांगी पर साधु ने उसे कुछ भी नहीं दिया वह जब वापस जा रहे थे थोड़ी दूर साधु को जमीन पर एक
चमकता हुआ हीरा दिखाई दिया उन्होंने अपने आप से कहा वाह कितना अच्छा दिन है पहले सोने का सिक्का और फिर यह हीरा वाह। वह जैसे हीरा लेने के लिए नीचे झुके एक चोर ने पीछे उनके पास आकर सोने से भरी हुई पोटली खींच कर वहां से भाग गया असल में वह हीरा एक सिर्फ एक कांच का टुकड़ा था
जो चोर ने जानबूझकर उस साधु को फसाने के लिए रखा था साधु बहुत दुखी हुआ साधु वापस अपने घर की ओर चलने लगे भगवान कृष्ण ने एक साधारण मनुष्य का अवतार लिया और साधु से मिलने का निर्णय लिया उस साधु को मिले और उन्होंने उस साधु को एक सिक्का दिया और कहा कृपा करके मेरे इस
सिक्के को स्वीकार कीजिए और साधु ने उसी के को ले लिया और कृष्ण भगवान वहां से चले गए साधु को विचार आया यह क्या है इससे मैं क्या कर लूंगा मुझे नहीं लगता यह सिक्का मेरे किसी काम का है घर जाते समय रास्ते में साधु को एक मछुआरा मिला मछुआरे के जाल में तो मछलियां फसी हुई थी
साधु को उन पर बहुत दया आए इसीलिए उन्होंने मछुआरे से कहा मैं तुम्हें यह सिक्का देता हूं तुम मुझे यह दोनों मछलियां दे दो मछुआरा मान गया साधु ने तुरंत ही उन मछलियों को पानी से भरे हुए मटके में रख दिया उन्होंने सोचा कि दूसरे दिन जाकर उन्हें मछलियों को नदी में छोड़ आएंगे दूसरे दिन जब
और नदी के पास मछलियों को छोड़ने गए उन्होंने जो देखा वह एकदम आश्चर्यचकित हो गए नदी में दो हीरे थे साधु बहुत ही खुश हुआ पर उन्होंने कुछ समझ नहीं आया कि यह सब क्या हो रहा है उन्होंने भगवान कृष्ण से प्रार्थना करि भगवान कृष्ण साक्षात् सामने आए उन्होंने कृष्ण भगवान से कहा
यह सब क्या हो रहा है मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा कृष्ण भगवान ने कहा मछलियां जब पानी में थी तब वह भूल से हीरो को निगल चुकी थी अब तुम्हें हीरे मिले क्योंकि तुमने उनकी जान बचाई साधु की आंख में पानी
मिलीपर फिर भी तुमने उस भिखारी की मदद नहीं की तुम्हारी उस हीरे की लालच से तुमने उससे सोने के सिक्के से भरी पोटली को खो दिया।
आ गया उन्होंने श्री कृष्ण भगवान को धन्यवाद कहा तुम्हें सोने के सिक्के से भरी हुई पोटली
Moral of the story
हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए और कभी भी लालच नहीं रखना चाहिए साधु ने भगवान कृष्ण को वचन दिया कि वह हमेशा दूसरों की मदद करेंगे और कभी भी लालची नहीं बनेंगे।
0 टिप्पणियाँ
Please do no enter any spam link in the comment box